
पितृ दोष पूजा
पितृ दोष पूजा पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार पर पड़ने वाले पितृ दोष के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए की जाती है।
पूजा एवं अनुष्ठान
हमारे मुख्य 12 वैदिक अनुष्ठान आपके जीवन के लिए शांति, संतुलन और श्रद्धा का सुसंगत माध्यम बन सकते हैं।

पितृ दोष पूजा पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार पर पड़ने वाले पितृ दोष के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए की जाती है।

काल सर्प दोष पूजा कुंडली में राहु-केतु के मध्य सभी ग्रहों के आने से बनने वाले दोष को शांत करने के लिए की जाती है।

मंगल दोष पूजा कुंडली में मंगल ग्रह की अशुभ स्थिति के कारण उत्पन्न वैवाहिक बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है।

महामृत्युंजय जाप भगवान शिव की आराधना कर दीर्घायु, स्वास्थ्य लाभ और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए किया जाता है।

रुद्राभिषेक पूजा भगवान शिव के रुद्र स्वरूप का अभिषेक कर जीवन की समस्त बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है।

नवग्रह शांति पूजा कुंडली के नौ ग्रहों को शांत कर जीवन में आ रही समस्त बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है।

आत्मविश्वास, साहस और शांति के लिए शास्त्रोक्त बगलामुखी हवन।

आर्थिक बाधाओं और ऋण-सम्बन्धी तनाव को कम करने हेतु वैदिक अनुष्ठान।

विवाह संस्कारों के लिए शास्त्रसम्मत एवं भावपूर्ण अनुष्ठान।

रक्षा, शांति और आध्यात्मिक शक्ति के लिए तांत्रोक्त हवन।

पितृ-शांति, परिवार-कल्याण और शास्त्रसम्मत मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान।

व्यापार, समृद्धि एवं लक्ष्मी-प्रभाव के लिए लक्ष्मी हवन।